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दर्द कौन जंगल-मंगल सुख दर्द-ए-दिल ज़रीब रोए राम मौसम शब्द मंगल पालन नतमस्तक बिलख इंसानियत दंगल जंगल में कर्ज hindikavita भगवान जीवन

Hindi जंगल में मंगल Poems